म्यूचुअल फंड की बातें, आसान भाषा में
समझदारी से फंड चुनने के पीछे की सोच — हर गाइड सीधे जवाब से शुरू होती है। रिसर्च और शिक्षा के लिए, निवेश सलाह नहीं।
शार्प बनाम सॉर्टिनो रेशियो: फ़र्क़ क्या है?
शार्प रेशियो कुल उतार-चढ़ाव पर रिटर्न मापता है; सॉर्टिनो सिर्फ़ गिरावट पर। दोनों क्या बताते हैं, भारतीय इक्विटी फंड्स के लिए अच्छे आँकड़े क्या हैं, और फंड चुनते समय किसे देखें।
गाइड पढ़ें →इंडेक्स फंड बनाम एक्टिव म्यूचुअल फंड: भारत में कौन बेहतर?
इंडेक्स फंड ~0.2–0.4% लेकर बाज़ार बराबर रिटर्न देते हैं; एक्टिव फंड ~0.5–1% लेकर उसे पीटने की कोशिश करते हैं। भारत में एक्टिव कहाँ फ़ीस वसूल करता है (मिड/स्मॉल कैप) और इंडेक्सिंग कहाँ जीतती है (लार्ज कैप)।
गाइड पढ़ें →भारत में म्यूचुअल फंड कैसे चुनें: 6 कदम की चेकलिस्ट
पहले लक्ष्य और समय से कैटेगरी चुनें, फिर कैटेगरी के अंदर फंड को रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न (शार्प/सॉर्टिनो), बेंचमार्क से लगातार बेहतर प्रदर्शन, लागत और फंड हाउस से परखें — पिछले साल के टॉपर चार्ट से नहीं।
गाइड पढ़ें →एसआईपी बनाम लमसम: कौन बेहतर है?
बढ़ते बाज़ार में गणित के हिसाब से लमसम आगे रहता है क्योंकि पूरा पैसा ज़्यादा समय कम्पाउंड होता है; व्यवहार में एसआईपी जीतती है — एंट्री का रिस्क बँट जाता है और सैलरी के साथ चलती है।
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